पंजाब में कांग्रेस के CM चेहरे की घोषणा LIVE:राहुल गांधी लुधियाना में चन्नी, सिद्धू और जाखड़ से मीटिंग कर रहे; थोड़ी देर बाद करेंगे ऐलान

पंजाब में कांग्रेस के CM चेहरे की घोषणा जल्द होने वाली है। इसके लिए राहुल गांधी लुधियाना पहुंच गए हैं। यहां एक होटल में वह सीएम चरणजीत चन्नी, पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू और सुनील जाखड़ के साथ मीटिंग कर रहे हैं। जहां पर तीनों से कांग्रेस के सीएम चेहरे के फैसले के बारे में चर्चा हो रही है। फिलहाल पंजाब में चरणजीत चन्नी और नवजोत सिद्धू सीएम चेहरे के लिए दावेदारी ठोक रहे हैं। थोड़ी देर बाद राहुल गांधी रैली के लिए रवाना होंगे।

वहीं राहुल गांधी के आने से पहले नवजोत सिद्धू ने ट्वीट किया कि बिना फैसले के कुछ बड़ा नहीं पा सकते। पंजाब में सीएम चेहरा तय करेगा कि कांग्रेस को 60 सीटें किसके नाम पर मिलेंगी। इसके अलावा सीएम चरणजीत चन्नी ने भी कहा कि पंजाब में कांग्रेस को मजबूत चेहरा मिलेगा। राहुल गांधी की वर्चुअल रैली का पंजाब की सभी 117 विस सीटों पर इसका लाइव टेलीकास्ट होगा।

पंजाब में CM चेहरे के लिए कांग्रेस के 4 विकल्प

  • पहला मौजूदा सीएम चरणजीत चन्नी को ही आगे CM चेहरा बनाया जा सकता है, ताकि पंजाब में 32% दलित वोट बैंक में कांग्रेस का दबदबा बनाया जा सके।
  • दूसरा विकल्प पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिद्धू हैं। नवजोत सिद्धू जट्‌टसिख कम्युनिटी से हैं और इसकी पंजाब में 19% वोट हैं। वहीं सिद्धू की पंजाब में कांग्रेस के कद्दावर नेता की छवि है।
  • तीसरे विकल्प के तौर पर सरकार बनने के बाद चन्नी और सिद्धू को रोटेशन पर ढाई-ढाई साल के लिए सीएम की कुर्सी सौंपी जा सकती है। पहले कौन बनेगा, इसका फैसला चुनकर आए MLA करेंगे। हालांकि चरणजीत चन्नी इस फॉर्मूले के विरोध में हैं।
  • चौथा विकल्प कोई चेहरा न देने का है। राहुल ने स्टेज पर चन्नी और सिद्धू के साथ सुनील जाखड़ को भी बुला रखा है। इनके जरिए संयुक्त लीडरशिप का ऐलान किया जा सकता है।

सिद्धू और चन्नी ही ठोक रहे दावा
पंजाब कांग्रेस में CM चेहरे के लिए नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी दावा ठोक रहे हैं। सिद्धू का कहना है कि पंजाब अगर इस दुविधा से बाहर निकल जाएगा तो कांग्रेस को 60 से 70 सीटें मिलनी तय हैं। चरणजीत चन्नी सीएम की कुर्सी को अलादीन का चिराग बताते हुए 111 दिन के बाद पूरे 5 साल मांग रहे हैं। सुनील जाखड़ की तरफ से ऐसा कोई दावा नहीं किया जा रहा। वह चन्नी के पक्ष में हैं।

सांसद सीएम चेहरे के पक्ष में नहीं
कादियां से चुनाव लड़ रहे सांसद प्रताप सिंह बाजवा और श्री आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी सीएम चेहरे के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि सीएम चेहरे की घोषणा से कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा। मौजूदा स्थिति में ही कांग्रेस को चुनाव लड़ना चाहिए

कांग्रेस में सीएम कुर्सी की जंग हर बार रही लेकिन ऐसे हालात पहली बार
पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव के वक्त सीएम कुर्सी की जंग हर बार रही। हालांकि नवजोत सिद्धू और चरणजीत चन्नी के बीच ऐसा घमासान पहली बार देखा जा रहा है। जिससे कांग्रेस की छवि बिगड़ रही है।

  • 2002 : कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम की कुर्सी के सबसे बड़े दावेदार थे क्योंकि वह पंजाब कांग्रेस के प्रधान भी थे। उनके अलावा पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्‌ठल, प्रताप सिंह बाजवा, शमशेर दूलो इस कुर्सी पर दावा ठोक रहे थे। अंत में कैप्टन सीएम बने।
  • 2007 : कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ प्रताप बाजवा और राजिंदर कौर भट्‌ठल दौड़ में थे। इस चुनाव में कांग्रेस हार गई। पंजाब में शिअद-भाजपा गठबंधन की सरकार बन गई।
  • 2012 : कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ राजिंदर कौर भट्‌ठल, प्रताप बाजवा सीएम बनने की दौड़ में थी। तभी मनप्रीत बादल ने अकाली दल छोड़ पीपल पार्टी ऑफ पंजाब(PPP) बना ली। इससे ऐसा समीकरण बिगड़ा कि कांग्रेस पिछड़ गई और शिअद-भाजपा फिर सत्ता में आ गई।

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